Wednesday, May 27, 2026

जीएसटी: उगाही की ‘छापेमारी’

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कुमाऊं टीवी नेटवर्क

देहरादून:उत्तराखंड राज्य कर विभाग में छापेमारी की आड़ में उगाही का खेल खेला गया।  यह खेल एक दो लाख नहीं बल्कि लाखों का था। अब इस खेल को खेलने वाला खिलाड़ी निशाने पर आ गया है।हालांकि इस खिलाड़ी का दावा है की उगाही की रकम को राज्य कर विभाग के मुख्यालय तक पहुंचाया जाता है। सूत्रों के अनुसार कुमाऊं के एक कमाऊ जिले में राज्य कर विभाग की टीम ने जीएसटी चोरी पकड़ने के लिए लकड़ी कारोबारी के यहां छापेमारी की गई सूत्रों का दावा है कि एक टीम को एक लकड़ी कारोबारी के यहां छापेमारी की। अफसरों की तस्करों से इस तरह सांठ-गांठ है कि इस छापेमारी की खबर पहले से ही उसको दे दी गई। सूत्रों का दावा है के टीम के एक खिलाड़ी ने जीएसटी के बिलों में हेरफेर, बिल नहीं मिलने और जुर्माने व कानूनी दावपेंच से बचाने के लिए लाखों में सौदा किया। इस घटना पर पर्दा डालने के लिए लाखों की GST भी जमा करवाई गई।

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मामला ठंडा पड़ चुका था कि अचानक व्यापारी को लगा कि लाखों ज्यादा दे दिए। फिर कुछ मोअजिज लोगों ने वार्ता की और कुछ रकम वापस हुई। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया। बाद में इस पूरे मामले को राज्य करायुक्त के मुख्यालय और विजिलेंस को दिया गया। बताया जा रहा है कि इसकी भनक आला अधिकारियों से होते-होते दून  दरबार तक पहुंच गई। इसके बाद कैप्टन साहब ने एक और खेला किया। इस बार मंडी एसोसिएशन के सदस्यों से साइन किया हुआ एक पत्र बनाया गया, जिसमें लिखा था कि इस तरह का कोई भी लेन देन नहीं हुआ है। बताया यह भी जा रहा है कि इस पत्र में एसोसिएशन के कुछ सदस्यों के हस्ताक्षर असली थे तो कुछ फर्जी। अब बड़ा सवाल है कि यदि आरोप या शिकायत में सत्य नहीं था इस बड़े खिलाड़ी ने यह खेला क्यों खेला?

सूत्रों की माने तो इसके एवज में कैप्टन साहब (बड़ा खिलाड़ी) ने लकड़ी व्यापारियों को वरद हस्त प्रदान कर दिया है। अब साहब के संरक्षण में फर्जी बिलों पर आईटीसी पास करने का खेल खेला जा रहा है जिसमें साहब का मोटा कमीशन फिक्स है। इस बाबत जीएसटी कमिश्नर सोनिका मीणा से वार्ता की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया, जैसे ही वार्ता होगी उनका पक्ष भी दिया जाएगा। कुमाऊं टीवी के पास आला अधिकारियों को दी गई शिकायत की कॉपी है। इस शिकायत पर वित्त सचिव, एसपी विजिलेंस, जीएसटी कमिश्नर के बयान लेने के बाद इस पूरे प्रकरण के खिलाड़ी अफसर, तैनाती स्थल, जिले और व्यापारी का नाम उसकी करतूतों के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

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